अंजीर, खाने से हो जाता है इन रोगों का इलाज —–

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ठंड में रामबाण का काम करती है अंजीर, खाने से हो जाता है इन रोगों का इलाज —–
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अंजीर को सर्दियों में खाने का विशेष महत्व है। यह कब्ज को दूर करता है। इसमें में आयरन की काफी मात्रा में होता है। अंजीर में कई रासायनिक तत्व पाए जाते हैं इसमें पानी 80 प्रतिशल, प्रोटीन 3.5 प्रतिशत, वसा 0.2 , रेशे 2.3 प्रतिशत क्षार 0.7 प्रतिशत, कैल्शियम 0.06 प्रतिशत फॉस्फोरस 0.03, आयरन1.2 मिग्रा मात्रा में होता है। अंजीर में सोडियम के अलावा पोटेशियम, तांबा , सल्फर और क्लोरिन पर्याप्त मात्रा में होते हैं। ताजे अंजीर में विटामिन ए अत्याधिक पाया जाता है। जबकि विटामिन बी और सी सामान्य होता है। ताजे अंजीर की तुलना में सूखे अंजीर में शर्करा और क्षार तीन गुना अधिक पाया जाता है।

सूखे अंजीर में ओमेगा 3 और फिनॉल के साथ-साथ ओमेगा 6 फैटी एसिड्स भी होते हैं। जो दिल की बीमारियों से रोकथाम करते हैं। अंजीर में कैल्शियम भी पाया जाता है। इसीलिए ये हड्डियों को मजबूत बनाता है। अंजीर में पौटेशियम होने के कारण यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।अंजीर को दूध में उबालकर सुबह-शाम ऊपर से दूध पीने से यौनशक्ति बढ़ती हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह नुस्खा लाभकारी है। इससे गर्भावस्था में शरीर में लौह तत्व की कमी दूर होती है।

रोजाना 5 से 6 अंजीर को उसके टुकड़े करके 250 मि.ली. पानी में भिगो दें। सुबह उस पानी को उबालकर आधा कर दें और पी जाएं। पीने के बाद अंजीर चबाकर खाएं तो थोड़े ही दिनों में कब्जियत दूर होकर पाचनशक्ति मजबूत होगी। बच्चों के लिए 1 से 3 अंजीर पर्याप्त हैं।

अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है। अस्थमा की बीमारी में सुबह सूखे अंजीर का सेवन करना अच्छा माना जाता है। डायबिटीज के रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। सूखे अंजीर को उबाल कर बारीक पीस कर अगर गले की सुजन या गांठ पर बांधी जाए तो लाभ पहुंचता है।

अंजीर में पेक्टिन होता है इसीलिए ये डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए काफी फायदेमंद होता है। जमे हुए कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालता है। शरीर में सोडियम की अधिक मात्रा और पोटेशियम का लेवल कम हो जाने पर हाइपरटेंशन हो जाता है। वहीं अंजीर में कम सोडियम और पोटेशियम की अधिक मात्रा होती है। जो हाइपरटेंशन की समस्या को दूर करता है।

3-4 पके हुए अंजीर को छीलकर चीरे लगा दें और उसमें मिश्री का चूर्ण भर दें और रात को खुले आकाश में ओस से तर होने के लिए कहीं रख दें। सुबह इसका सेवन करें। इस नुस्खे से शरीर की गर्मी दूर होती है और खून साफ होता है।

अंजीर को साफ करके छोटे-छोटे टुकड़े में काट लें, फिर शक्कर की चाशनी बनाकर अंजीर के टुकड़ों को मिलाकर पाक बना लें उसमें बादाम की गिरी, पिस्ता, सफेद मुसली, छोटी इलायची, केशर आदि मिलाकर रखें। एक हफ्ते बाद इसे15-20 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करें। अंजीर के इस पाक को नियमित खाने से यौन शक्ति बढ़ती है। इंद्रिय शिथिलता दूर होती है। जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं और जिनमें पुरुषत्व की कमी ऐसे लोगों को रोजाना दो-चार अंजीर खाना चाहिए। इससे सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। –

-राजीव दीक्षित जी के प्रवचनों से

 

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About Swami Devaishta

I am a osho sanyasi, yoga teacher and a homoeopath.
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