अवचेतन मन की शक्ति: एक व्यक्ति साइकिल क्यों नहीं सीख पाता?

अचेतन में छिपी हमारी ‘धारणा-प्रणाली’ (Belif system) हमारे जीवन को प्रभावित करती है —

स्वास्थ्य -सेतु

मैं अपने बहनोई का वास्तविक उदाहरण देता हूँ।  मेरे बहनोई श्री सोहनलाल जी जैन उदयपुर में 1957मे इन्टरमिडिएट में पढ़ रहे थे।एक बार वे साइकिल की सवारी करना सीख रहे थे। साईकिल चलाना सिखने के दौरान् वे गिर गये। उनके टखने में चोट आ गई। उन्होंने दुर्घटना की व्याख्या इस प्रकार करना शुरू किया कि इसमें उनकी जान भी सकती है। इस तरह उन्होंने अपने-आपको भयग्रस्त बना लिया। उन्होंने साइकिल सीखने का विचार ही छोड़ दिया।
उसके बाद साइकिल चलाना सीख ही नहीं सके। उनका मानना था कि उनके साथ इससे भी गम्भीर दुर्घटना हो सकती है। वे एक सफल व्यापारी हैं परन्तु वे कोई भी स्कूटर, कार आदि नहीं चला सकते। क्योंकि उन्होंने एक गलत और भयपूर्ण धारणा को अपने मन में स्थान दे दिया। इस तरह अपने अचेतन ने एक धारणा बना ली साईकिल चलाने पर उनकी जान को खतरा है। भविष्य में जब भी उन्होने साइ्र्रकिल सीखना…

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About Swami Devaishta

I am a osho sanyasi, yoga teacher and a homoeopath.
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